Skip to main content

FASAL BEEMA ( ARGRICULTURAL INSURANCE )

फसलबीमा योजना  : कार्यक्रममें बावल केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. सतबीर सिंह ने किसानों को खाद की मात्रा उपयोग की विधि के बारे में बताया। डाॅ. जोगेंद्र सिंह यादव ने फसल विविधीकरण के लिए अरंड की खेती अपनाने पर बल दिया। बागवानी विशेषज्ञ डाॅ. मुकेश ने फल सब्जी की खेती बारे जानकारी दी। उपनिदेशक कृषि डाॅ. चांदराम ने विभाग की सभी योजनाओं के बारे किसानों को अवगत करवाया। उपमंडल कृषि अधिकारी डाॅ. दीपक कुमार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे 31 दिसम्बर तक गेहूं, सरसों, जौं चना फसल का बीमा करवाकर अपने खेतों को जोखिम से बचा सकते हैं। मृदा जांच अधिकारी डाॅ. राहुल बडकोदिया ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के बारे में बताया। प्रगतिशील किसान भूपेन्द्र, विजय सुरेन्द्र ने अनुभवों को साझा किया। खंड कृषि अधिकारी डाॅ. भागिंद्र सिंह, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी डाॅ. दिनेश, डाॅ. नरेश वर्मा, डाॅ. अजीत, डाॅ. मनोज, डाॅ. योगेश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। 

Comments

Popular posts from this blog

22 दिन के इलाज के बाद मां-बेटी की मौत, अस्पताल ने थमाया 18 लाख का बिल

22 दिन के इलाज के बाद मां-बेटी की मौत, अस्पताल ने थमाया 18 लाख का बिल फरीदाबाद के एशियन अस्पताल का मामला। परिजनों ने जांच के लिए उठाई मांग। फरीदाबाद।  निजी अस्पतालों में ज्यादा बिल की शिकायतों के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला फरीदाबाद के एशियन अस्पताल का है। जहां बुखार से पीड़ित एक गर्भवती महिला की 22 दिन के इलाज के बाद मौत हो गई। डॉक्टर महिला के पेट में पल रहे 7 महीने के बच्चे को भी नहीं बचा सके। वहीं इलाज का बिल थमा दिया 18 लाख रुपये। इस बिल पर अब मृतका के परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ जांच की मांग की है।  गांव नचौली के रहने वाले सीताराम ने अपनी बेटी श्वेता (20) को बुखार होने के चलते 13 दिसंबर को एशियन अस्पताल में भर्ती करवाया था।  - तीन-चार दिन के इलाज के बाद डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा महिला के पेट में मर गया है, ऑपरेशन करना पड़ेगा।  - डॉक्टरों ने शुरू में साढ़े तीन लाख रूपये जमा कराने को कहा। श्वेता के पिता सीताराम का आरोप है कि डॉक्टर ने रुपए जमा होने के बाद ही ऑपरेशन करने की बात कही और जब तक पैसे जमा नहीं कराए तब तक ऑपरेशन...

10 रूपए का सिक्का फिर बना मुसिबर संभल जाएं वार्ना आपको जेल करवा सकता है ये 10 रुपये का सिक्का

10 रूपए का सिक्का फिर बना मुसिबर संभल जाएं वार्ना आपको जेल करवा सकता है ये 10 रुपये का सिक्का                                      कुल मिलाकर हालात ऐसे लगे कि अगर एक आम आदमी बैंक में 10 रुपये के सिक्के लेकर उसके बदले नोट लेना चाहे तो आसान नहीं है, उसके धक्के खाने ही पड़ेंगे और वह हारकर लौट जाएगा। इसके बाद 10 रुपये का सिक्का दोबारा लेने से तौबा कर लेगा।  दिल्ली रोड स्थित जाट कॉलेज के पास स्थित एक राष्ट्रीयकृत बैंक । मैनेजर से 10 रुपये के सिक्के बदलने के बाबत पूछा गया, जिस पर उन्होंने शहर में इन सिक्कों के नहीं चलने और नकली सिक्कों की फैक्ट्री पकड़े जाने को इसकी वजह बताई। अब इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि एक आम इंसान या एक छोटे दुकानदार के लिए 10 रुपये का सिक्का लेने पर उसे खपाना कितनी बड़ी मुसीबत है। इसीलिए न तो ग्राहक 10 रुपये का सिक्का ले रहा और न ही कोई व्यापारी। उधर, बैंकों के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मुकेश कुमार जैन ने कहा कि अगर कोई बैंक सिक्के लेने से इनकार करता है तो लोग उनक...
एनएच-8 स्थित बनीपुर चौक पर बनेगा बस स्टैंड, 3 एकड़ जमीन ट्रांसफर, बजट के लिए नक्शा बनवाकर चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा बावलऔद्योगिक क्षेत्र के साथ ही एक दर्जन से ज्यादा गांवों के लोगों के लिए राहतभरी खबर है। दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे स्थित बावल के बनीपुर चौक पर यह बस स्टैंड बनाया जाएगा।  बस अड्‌डे को लेकर एचएसआईआईडीसी से परिवहन विभाग द्वारा जमीन ट्रांसफर करा ली गई है। इसके लिए विभाग द्वारा राशि भी जमा कराई गई है। साथ ही निर्माण के लिए आगामी प्रक्रिया शुरू हो गई है। बस स्टैंड का नक्शा बनवाकर फाइल को स्वीकृति के लिए चंडीगढ़ भेज दिया गया है। यह बस स्टैंड बनता है तो क्षेत्र के लोगों के अलावा बाहरी रह रहे लोगों को भी रातभर यहां से बसें मिल सकेंगी। अब तक यहां केवल लोकल बसें ही रुकती थीं, लेकिन बाद में यहां लंबी दूरी की बसें भी रुकेंगी।