जनस्वास्थ्यएवं अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि आगामी 2 वर्षों में जिला रेवाड़ी के सभी गावों को नहरी...
जनस्वास्थ्यएवं अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि आगामी 2 वर्षों में जिला रेवाड़ी के सभी गावों को नहरी पेयजल योजना से जोड़ दिया जाएगा। किसी भी गांव में पीने के पानी की समस्या नहीं रहेगी। मंत्री ने गुरुवार को बधराना में बनाई जा रही नहरी पेयजल परियोजना स्टेशन का निरीक्षण करते हुए यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा शेष बचा कार्य आगामी 3 माह में पूरा कर लिया जाएगा। बधराना में 93 करोड़ रुपए की लागत से 12 एकड़ जमीन पर नहरी पेयजल योजना का स्टेशन बनाया जा रहा है, जिससे बावल क्षेत्र के 55 गांव के लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। इसके लिए जवाहर लाल नेहरु पंप हाऊस नंबर 5 से 13 किलोमीटर लंबी बीस इंची 500 एमएम लोहे की पाइप से नहरी पानी लाया जाएगा। इसमें 10 करोड़ 60 लाख लीटर पानी की क्षमता होगी तथा प्रतिदिन 60 लाख लीटर पानी फिल्टर करके गांवों के लोगों को सप्लाई किया जाएगा।
खालेटामें तैयार हो रही है 43 करोड़ की लागत से पेयजल परियोजना
मंत्रीने बताया कि 55 गांवों में जलापूर्ति के लिए 5 मध्यवर्गीय बूस्टिंग स्टेशन (आईबीएस) भांडौर, धामलावास, बवाना गुर्जर, धारन बधराना गांवों में बनाए जा रहे हैं। खालेटा में 43 करोड़ रुपए की लागत से नहरी पेयजल योजना बनेगी। अगले सप्ताह टेंडर कर दिया जाएगा। धारूहेड़ा नंदरामपुर बास के पास भी नहरी पेयजल योजना बनाने का प्रस्ताव भेजा हुआ है। इसके अतिरिक्त गिंदोखर, खडगवास महाखारिया जलघर क्षमता बढ़ाने के लिए भी इनको जेएलएन से जोड़ा जा रहा है।
171 नहर और 45 नलकूप आधारित जलघर स्थापित
ग्रामीणशहरी क्षेत्रों में 171 नहर आधारित 45 नलकूप आधारित जलघर स्थापित किए जा चुके हैं तथा ग्रामीण शहरी क्षेत्रों में 6236 किलोमीटर लंबी पाइप लाइनें बिछाई गई है राज्य के 643 गांवों में पेयजल सुविधा में सुधार बढ़ोतरी कि गई है। शहरी क्षेत्रों की अनधिकृत कॉलोनियों में पब्लिक स्टैंड पोस्ट के माध्यम से जलापूर्ति करने तथा रिवर्स ओसमोसिस(आरओ) संयत्र स्थापित करने की एक पायलेट परियोजना भी शुरू की जाएगी। इस मौके पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षक अभियंता दलबीर सिंह, कार्यकारी अभियंता रविन्द्र गोठवाल सहित अन्य मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा शेष बचा कार्य आगामी 3 माह में पूरा कर लिया जाएगा। बधराना में 93 करोड़ रुपए की लागत से 12 एकड़ जमीन पर नहरी पेयजल योजना का स्टेशन बनाया जा रहा है, जिससे बावल क्षेत्र के 55 गांव के लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। इसके लिए जवाहर लाल नेहरु पंप हाऊस नंबर 5 से 13 किलोमीटर लंबी बीस इंची 500 एमएम लोहे की पाइप से नहरी पानी लाया जाएगा। इसमें 10 करोड़ 60 लाख लीटर पानी की क्षमता होगी तथा प्रतिदिन 60 लाख लीटर पानी फिल्टर करके गांवों के लोगों को सप्लाई किया जाएगा।
खालेटामें तैयार हो रही है 43 करोड़ की लागत से पेयजल परियोजना
मंत्रीने बताया कि 55 गांवों में जलापूर्ति के लिए 5 मध्यवर्गीय बूस्टिंग स्टेशन (आईबीएस) भांडौर, धामलावास, बवाना गुर्जर, धारन बधराना गांवों में बनाए जा रहे हैं। खालेटा में 43 करोड़ रुपए की लागत से नहरी पेयजल योजना बनेगी। अगले सप्ताह टेंडर कर दिया जाएगा। धारूहेड़ा नंदरामपुर बास के पास भी नहरी पेयजल योजना बनाने का प्रस्ताव भेजा हुआ है। इसके अतिरिक्त गिंदोखर, खडगवास महाखारिया जलघर क्षमता बढ़ाने के लिए भी इनको जेएलएन से जोड़ा जा रहा है।
171 नहर और 45 नलकूप आधारित जलघर स्थापित
ग्रामीणशहरी क्षेत्रों में 171 नहर आधारित 45 नलकूप आधारित जलघर स्थापित किए जा चुके हैं तथा ग्रामीण शहरी क्षेत्रों में 6236 किलोमीटर लंबी पाइप लाइनें बिछाई गई है राज्य के 643 गांवों में पेयजल सुविधा में सुधार बढ़ोतरी कि गई है। शहरी क्षेत्रों की अनधिकृत कॉलोनियों में पब्लिक स्टैंड पोस्ट के माध्यम से जलापूर्ति करने तथा रिवर्स ओसमोसिस(आरओ) संयत्र स्थापित करने की एक पायलेट परियोजना भी शुरू की जाएगी। इस मौके पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षक अभियंता दलबीर सिंह, कार्यकारी अभियंता रविन्द्र गोठवाल सहित अन्य मौजूद रहे।
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